Top 7+ Best Poem On Mahatma Gandhi In Hindi | राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर कविता

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Poem On Mahatma Gandhi In Hindi :- महात्मा गांधी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर नगर में हुआ था। उन्हें राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। गांधीजी ने अपने जीवन के दौरान अहिंसा और सत्य की महानता को बताया और भारतीय नेतृत्व को एक नई दिशा दी।

गांधीजी की अहिंसा के सिद्धांत ने विश्व को प्रभावित किया। उन्होंने सत्याग्रह आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई ली और ब्रिटिश साम्राज्य को दबाव में डाला। उन्होंने अपने विचारों को “आंतरिक स्वराज” और “स्वदेशी” की ओर प्रेरित किया। गांधीजी ने खादी उद्योग को प्रोत्साहित किया और लोगों को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने भारतीय जनता को एकजुट होकर अपने अधिकारों की मांग करने की प्रेरणा दी।

गांधीजी की विचारधारा में समाजसेवा भी महत्वपूर्ण थी। उन्होंने हर व्यक्ति को जीवन का उद्देश्य समझाया और सभी को समान अवसर प्रदान करने की मांग की। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान और नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा प्रदान करने का भी अद्यतन किया। उन्होंने ग्राम स्वराज को प्रोत्साहित किया और ग्रामीण विकास की महत्वपूर्णता को समझाया।

गांधीजी ने जीवनभर सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उनके शांतिपूर्ण और नम्र व्यक्तित्व ने उन्हें देशभक्ति और समाजसेवा के एक आदर्श बना दिया। उन्होंने जबरदस्ती और हिंसा के खिलाफ लड़ाई ली और एक नया भारत निर्माण किया।

इस प्रकार, महात्मा गांधी ने अपने दृढ़ संकल्प, अहिंसा के सिद्धांत और सत्य के प्रतीकत्व के माध्यम से देश को प्रेरित किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि एक व्यक्ति अपने संकल्प से दुनिया को बदल सकता है और एक समर्पित और सत्यनिष्ठ नेता किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है।

 

Poem On Mahatma Gandhi In Hindi

 

गांधी जी

Poem On Mahatma Gandhi In Hindi

 

सत्य अहिंसा के पुजारी

हिंसा के वो खिलाफ़ थे.

अपनी बात मनवाने के

उनके अलग अंदाज़ थे.

 

वक़ालत की नौकरी छोड़

विदेश से वतन को आए,

गुलामी की जंजीर तोड़ने

संघर्ष का मार्ग अपनाए.

 

तन-मन-धन समर्पण कर,

जीवन अपना अर्पण कर,

नमक कानून तोड़ दिए,

गांधी जी नमक बनाकर,

 

विदेशी वस्त् को जलाकर,

खादी वस्त्र को अपनाकर.

अंग्रेज़ों को हिला दिया,

आमरण अनशन चलाकर.

-प्रीतम कुमार साहू

 

वापू नमन आपको

Poem On Mahatma Gandhi In Hindi

 

प्यारे बापू नमन आपको।

आज़ादी का बिगुल बजाया,

अंग्रेजों को मार भगाया।

हम सबका ही, नमन आपको।

 

गोली से भी नहीं डरे थे,

सत्य-मार्ग पर सदा बढ़े थे।

इसीलिए तो नमन आपको,

नस्ल-भेद को दूर हटाया।

 

मानवता का पाठ पढ़ाया।

आज राष्ट्र का, नमन आपको।

-रमेश चन्द्र पंत

 

दो लाल

Poem On Mahatma Gandhi In Hindi

 

जन्म हुआ दो अक्टूबर को, लाल बहादुर बाल हुये।

लाल बहादुर और गाँधथी जी, भारत के दो लाल हुये ।

सीमा पर जो युद्ध छिड़ा था, भारत पाकिस्तानी में,

बलिदानी थे वीर सिपाही, सीमा हिंदुस्तानी के।

 

लाल बहादुर नायक श्री थे, मात पिता निहाल हुये ।

वीरों की वो अमर कहानी, सुनकर सब बेहाल हुये।

लाल बहादुर और गाँधी जी, भारत के दो लाल हुये।

जन्म हुआ दो अक्टूबर को, लाल बहादुर बाल हुये।

 

वीर जवानों धावा बोलो, दुश्मन का रुख पहचानो।

तुम लाहौर जीत कर आना, भारत माता को मानो।

जय जवान और जय किसान हैं, लाल बहादुर भाल हुये ।

सम्मानित का जीवन पाकर, हम सब अब खुशहाल हुये।

 

लाल बहादुर और गाँधी जी, भारत के दो लाल हुये।

जन्म हुआ दो अक्टूबर को, लाल बहादुर बाल हुये।

हरित क्रांति के अपने नायक, जनता के सरताज हुये।

सदियों से हैं दिल में बसते, जनता के हमराज हुये।

 

दुश्मन थरथर लगा कॉंपने, लाल बहादुर काल हुये।

ताशकंद के समझौते में, जीवन हार निढाल हुये ।

लाल बहादुर और गाँधी जी, भारत के दो लाल हुये ।

जन्म हुआ दो अक्टूबर को, लाल बहादुर बाल हुये।

-डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव

 

गांधीजी के सिद्धांत व विचार

Poem On Mahatma Gandhi In Hindi

 

सत्य, अहिंसा, शांति, धर्मनिरपेक्षता

धार्मिक बहुलवाद और अधिकारों के लिए

लड़ना सत्याग्रह का सहारा

गांधीजी के सिद्धांत थे

 

राजनीतिक,नैतिकतावादी उपनिवेशवाद विरोधी

दूरदर्शी नेतृत्व, अहिंसात्मक दृष्टकोण

बाधाओं के खिलाफ एकजुटता

गांधीजी के विचार थे

 

गांधी जी का सम्मान नोबेल शांति पुरस्कार

के लिए पांच बार नामांकन किया गया

ग्रेट ब्रिटेन ने मृत्यु के 21 साल बाद उनका सम्मान

डाक टिकट जारी किया जिनके खिलाफ लड़ाई किए थे

 

दो अक्टूबर महात्मा गांधी के विश्वासों आदर्शों

शिक्षाओं अहिंसात्मक दृष्टिकोण को

उत्सव के रूप में याद कर उनका पालन

करने का दिन है जो उनके स्वपन थे

-किशन सनमुखदास

मोहनदास करमचंद गांधी का नाम दृनियाभर में इतना प्रसिद्ध है कि इन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है. सत्य, अहिसा, शांति, धर्मनिरपेक्षता, राजनीति में नैतिकता उपनिवेशवाद का विरोध और अनेक प्रभावशाली तरीकों से अग्रेज शासन से लड़कर भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बापू की गाथाएँ आज हर व्यक्ति जानता है. मेरा सुझाव है कि भारत के युवाओं को बापू के स्थानों पर जरूर जाना चाहिए. साबरमती आश्रम अहमदाबाद, सेवाग्राम वर्धा, आगा खान पैलेस पुरणे,गांधी स्मृति दिल्ली, राजघाट, इंडियागेट कनाट प्लेस, लालकिला यह कुछ ऐसे स्थान हैं जहाँ हमें आज भी बापूकी उपस्षथिति महसूस होती है. दिल में कहीं ना कहीं बाबू के आदर्शों शिक्षाओं अहिसात्मक दृष्धिकिण का भाव महसुस होता हैं.

चूकि हम 2 अक्टूबर 2022 महात्मा गांधी जयंती उत्सव मना रहे हैं, यह बात सही है कि हम सभी गांधीजी का काफी सम्मान करते हैं, लेकिन उनके सपने तभी पूरे होंगे जब हम उनके बताए शांति, अहिंसा, सत्य, समानता, महिलाओं के प्रति सम्मान जैसे आदशों पर चलेंगे, इसलिए इस दिन हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए, बापू के विचारों और कार्यों के कारण ही उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया गया है. उन्होंने लदन में कानून की पढ़ाई की थी लेकिन लंदन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्होंने खादी पहनकर देश का भ्रमण किया और आजादी के आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया. आज हमें बापू जैसे नेताओं की आवश्यकता है. हम उनके बताए रास्ते पर चलकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं.

बापू ने भारतीय समाज में व्याप्त छुआछत जैसी बुराइयों के प्रति लगातार आवाज उठाई. वो चाहते थे कि ऐसा समाज बने जिसमें सभी लोगों को बराबरी का दर्जा हासिल हो क्योंकि सरभी को एक ही ईश्वर ने बनाया है. उनमें भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, नारी सशक्तीकरण के लिए भी वह हमेशा प्रयासरत रहे.

गांधी जयंती राजनीतिक नैतिकतावादी, उपनिवेशवाद विरोधी, आध्यात्मिक नेता और वकील महात्मा गांधी को सम्मानित करने के लिए मनाई जाती है. बापू के बारे में बात करते समय शब्द कम पड़ जाते हैं, छोटे कद के, मृद्भाषी और बेहद सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति जिन्होंने सभी भारतीयों को एक साथ लाया और उन्हें सभी बाधाओं के खिलफ एकजुट रहने का महत्व समझाया. उनके दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत उपनिवेशवाद की बेड़ियों से मुक्त होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने में सक्षम था. गांधी ने शांति और अहिसा की वकालत करते हुए सभी राष्ट्रीय नेताओं को एक साथ लाते हुए स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया.

वह धार्मिक बहुलवाद और सत्य और अहिंसा के अग्रदूत में दृढ़ विश्वास रखते थे. उन्होंने भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाने के लिए अथक परिश्रम किया,. इस प्रकार, गांधी जयंती उस प्रतिष्ठित नेता को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने अहिंसक दृष्षिकोण का पालन करते हुए लोगों को उनके अधिकारों के लिए लड़ने के लिए निर्देशित किया. उन्होंने देश में अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था की भी निंदा की.

बात अगर हम बापू के विचारों पर चलने की करें तो, उनके सिद्धांतों और शिक्षाओं के आधार पर, भारत ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार और भारत में खुले में शौच को समाप्त करने के लिए 2 अक्ट्बर 2014 को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ यानी स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की. हालांकि बापू के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए हर सरकारों ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं. गांधी जयंती भारत के लोगों के लिए बहुत महत्व रखती है. यह सिर्फ एक उत्सव नहीं है बल्कि महात्मा गांधी के विश्वासों, शिक्षाओं और आदर्शों को याद करने और उनका पालन करने का दिन है.

महात्मा गांधी को पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया था. 4 जून 1944 को सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुए राष्ट्रिपता महात्मा गांधी कहा था. इसके बाद कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रखींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को महात्मा की उपाधि दी थी. इसी के साथ हम सभी को गांधी जी के सिद्धांतो को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए,

गांधी और मशहूर लेखक लियो टॉल्स्टॉय अच्छे दोस्त थे, वे आपस में पत्रों के माध्यम से बातचीत करते थे. उन्होंने दक्षण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग से 21 मील दूर एक टॉल्स्टॉय फार्म भी स्थापित किया, 1100 एकड़ के क्षेत्र में फैले इस फार्म को उन सहयोगियों के लिए स्थापित किया गया था जिन्होंने सत्याग्रह संघर्ष के दौरान उनकी मदद की थी. उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग और ‘अछूतों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया, जिन्हें उन्होंने हरिजन या ई्वर की संतान का नाम दिया. उन्होंने उनके लिए उपवास किया और उनके लिए उचित इलाज की मांग की. 1982 में महात्मा गांधी के जीवन पर एक फिल्म बनी थी जिसमें उनका किरदार बेन किग्सले ने निभाया था. इस फिल्म ने बहुत सारे पुरस्कार और प्रशंसा प्राप्त की. इसमें सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर श्रेणी के लिए सबसे प्रतिष्ठित आकादमी पुरस्कार जीतना भी शामिल है,

महात्मा गांधी को टाइम मैगजीन मैन ऑफ द ईयर में शामिल किया गया जो एक बड़ा सम्मान है. यह सम्मान दुनिया के कुछ चुनिंदा गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है. महात्मा गांधी को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पांच बार नामांकित किया गया था. आखिरी नामाकन 1948 में उनकी हत्या से कुछ दिन पहले हुआ था.महात्मा गांधी एक लेखक भी थे. उनके एकत्रित कार्यों में 50, हज़ार पृष्ठ हैं. और महात्मा का सम्मान उन्हें नोबेल पुरस्कार विजेता बंगाली कवि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा प्रदान किया गया था.

उनकी मृत्यु के 21 साल बाद, ग्रेट ब्रिटेन, जिनके खिलाफ महात्मा गांधी ने अपने राष्ट्र को स्वतंत्र कराने के लिए लड़ाई लड़ी, ने उन्हें सम्मानित करने के लिए एक डाक टिकट जारी किया. महात्मा गांधी के अंतिम संस्कार में आठ किलोमीटर लंबा ऑअतिम संस्कार जुलूस देखा गया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2022 को धूमधाम से मनाई गई. आओ सत्य अहिसा शांति और धर्मनिरपेक्षता में दृढ़ विश्वास बढ़ाएं 2 अक्टूबर महात्मा गांधी के विश्वासों आदर्शों शिक्षाओं अहिंसात्मक दृष्टिकोण को उत्सव के रूप में याद कर उनका पालन करने का दिन है. राजनीतिक नैतिकतावादी उपनिवेशवाद विरोधी दूरदशी नेतृत्ववादी मृद्भाषी अग्रदूत भारतीय वकील मोहनदास करमचंद गांधी को सैल्यूट.

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